शिव स्तुति भगवान शिव की महिमा, शक्ति, करुणा और कल्याणकारी स्वरूप का वर्णन करने वाली एक पवित्र स्तुति है। सावन माह, महाशिवरात्रि, सोमवार और अन्य शिव पूजा के अवसरों पर शिव स्तुति का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस स्तुति में भगवान शिव के विभिन्न नामों जैसे आशुतोष, शंभू, महादेव, नीलकंठ, त्रिलोचन और विश्वनाथ का स्मरण किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव स्तुति के नियमित पाठ से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक बल और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यदि आप भगवान शिव की कृपा, सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हैं, तो प्रतिदिन या विशेष रूप से सावन सोमवार के दिन शिव स्तुति का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ॥
निर्विकार ओमकार अविनाशी,
तुम्ही देवाधि देव,
जगत सर्जक प्रलय करता,
शिवम सत्यम सुंदरा ॥
निरंकार स्वरूप कालेश्वर,
महा योगीश्वरा,
दयानिधि दानिश्वर जय,
जटाधार अभयंकरा ॥
शूल पानी त्रिशूल धारी,
औगड़ी बाघम्बरी,
जय महेश त्रिलोचनाय,
विश्वनाथ विशम्भरा ॥
नाथ नागेश्वर हरो हर,
पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले,
सदा शिव शिव संकरा ॥
जगत पति अनुरकती भक्ति,
सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब,
जय जयति जगदीश्वरा ॥
जनम जीवन जगत का,
संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन,
जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥
आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ॥
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
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प्रातः स्नान करें – सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थल तैयार करें – शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा के सामने दीपक और धूप जलाएँ।
जलाभिषेक करें – भगवान शिव को शुद्ध जल, गंगाजल, दूध (इच्छानुसार), बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और अक्षत अर्पित करें।
ध्यान करें – कुछ मिनट शांत होकर भगवान शिव का ध्यान करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
शिव स्तुति का पाठ करें – श्रद्धा और एकाग्रता के साथ पूरी शिव स्तुति का उच्चारण करें।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें – स्तुति के बाद कम से कम 11, 21 या 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
अपनी मनोकामना प्रकट करें – भगवान शिव से अपने और परिवार के सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करें।
आरती करें – अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद अर्पित करें।
प्रसाद ग्रहण करें – पूजा पूर्ण होने के बाद प्रसाद ग्रहण करें और परिवार के सदस्यों में वितरित करें।
नियमित पाठ करें – सावन के प्रत्येक सोमवार या पूरे सावन मास में प्रतिदिन शिव स्तुति का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
सावन के पावन महीने में श्रद्धा, भक्ति और शुद्ध मन से शिव स्तुति का पाठ करना भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है। नियमित रूप से शिव स्तुति, "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप और शिव पूजा करने से मन को शांति, जीवन में सकारात्मकता तथा आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव होता है। सच्ची आस्था और समर्पण के साथ की गई शिव आराधना भक्त के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगल का मार्ग प्रशस्त करती है।








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