विवाह मुहूर्त 2026

विवाह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र संस्कार माना जाता है। यह केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का मिलन होता है। हिंदू धर्म में विवाह को एक धार्मिक संस्कार माना गया है, इसलिए इसे शुभ समय यानी विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat) में करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

AstroReal में हमारा मानना है कि हर जोड़ा अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत सुख, समृद्धि और ईश्वर के आशीर्वाद के साथ करना चाहता है। इसलिए विवाह मुहूर्त 2026 का सही चुनाव करना बहुत आवश्यक है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा का साथ देता है और दांपत्य जीवन को सुखी, सफल और स्थिर बनाने में सहायक होता है।

विवाह मुहूर्त का महत्व

विवाह मुहूर्त केवल एक तारीख नहीं होता, बल्कि यह वह शुभ समय होता है जब ग्रहों, नक्षत्रों, तिथि और अन्य ज्योतिषीय योग विवाह के लिए अनुकूल होते हैं।

शुभ मुहूर्त में विवाह करने से ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव मिलता है, जिससे पति-पत्नी के बीच प्रेम, समझ और विश्वास बना रहता है।

हिंदू मान्यता के अनुसार शुभ मुहूर्त में संपन्न विवाह पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा रहती है, जिससे वैवाहिक जीवन सुखमय और मंगलमय बनता है।

सही विवाह मुहूर्त चुनने से भविष्य में आने वाली कई समस्याओं और बाधाओं को कम करने में सहायता मिलती है तथा दांपत्य जीवन मजबूत होता है।

विवाह दो परिवारों को जोड़ने का अवसर होता है। शुभ मुहूर्त में विवाह होने से पूरे परिवार का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा नवदंपति को प्राप्त होती है।

विवाह के लिए शुभ तिथियां

वैदिक ज्योतिष में तिथि का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में विवाह के लिए निम्नलिखित तिथियां शुभ मानी गई हैं।

  • यह तिथि सुख, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
  • यह तिथि दंपति के बीच सहयोग, प्रेम और आपसी समझ को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
  • पंचमी को धन, उन्नति और खुशहाली देने वाली तिथि माना जाता है।
  • विवाह के लिए सबसे शुभ तिथियों में से एक। यह सुख, सकारात्मकता और वैवाहिक आनंद का प्रतीक है।
  • हालांकि एकादशी मुख्य रूप से धार्मिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन कुछ विशेष एकादशी तिथियां विवाह के लिए भी शुभ मानी जाती हैं।
  • यह तिथि लंबे समय तक सुखी दांपत्य जीवन, समृद्धि और प्रेम का प्रतीक मानी जाती है।

विवाह मुहूर्त 2026: महीनेवार शुभ तिथियां

विवाह जीवन की नई और सुंदर शुरुआत है। सही विवाह मुहूर्त चुनने से यह अवसर और भी शुभ और यादगार बन जाता है। हालांकि ऊपर दिए गए सभी मुहूर्त वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुभ माने गए हैं, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति के लिए सबसे उपयुक्त विवाह मुहूर्त उसकी जन्म कुंडली, दोनों पक्षों की कुंडली मिलान, पारिवारिक परंपराओं और क्षेत्रीय पंचांग के आधार पर तय किया जाता है।

फरवरी से विवाह का शुभ मौसम शुरू होता है।

फरवरी 2026
तिथिनक्षत्र
4 फरवरीरोहिणी
5 फरवरीमृगशीर्ष
6 फरवरीआर्द्रा
8 फरवरीपुनर्वसु
10 फरवरीपुष्य
12 फरवरीआश्लेषा
14 फरवरीमघा
19 फरवरीउत्तरा फाल्गुनी
20 फरवरीहस्त
21 फरवरीचित्रा (पूरा दिन शुभ)
24 फरवरीस्वाती
26 फरवरीअनुराधा

मार्च में भी कई शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं।

मार्च 2026
तिथिनक्षत्र
2 मार्चविशाखा
3 मार्चअनुराधा
4 मार्चज्येष्ठा
7 मार्चमूल
8 मार्चपूर्वाषाढ़ा
9 मार्चउत्तराषाढ़ा
11 मार्चश्रवण
12 मार्चधनिष्ठा

अप्रैल में शुभ विवाह मुहूर्त दोबारा शुरू होते हैं।

अप्रैल 2026
तिथिनक्षत्र
15 अप्रैलरेवती
20 अप्रैलअश्विनी
21 अप्रैलभरणी
25 अप्रैलरोहिणी
27 अप्रैलमृगशीर्ष
28 अप्रैलआर्द्रा
29 अप्रैलपुनर्वसु

मई विवाह के लिए सबसे शुभ महीनों में से एक माना जाता है।

मई 2026
तिथिनक्षत्र
1 मईपुष्य
3 मईआश्लेषा
5 मईमघा
6 मईपूर्वा फाल्गुनी
7 मईउत्तरा फाल्गुनी
8 मईहस्त
13 मईस्वाती
14 मईविशाखा

अधिक मास होने के बावजूद जून में कई शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं।

जून 2026
तिथिनक्षत्र
21 जूनउत्तरा फाल्गुनी
22 जूनहस्त
23 जूनहस्त
24 जूनस्वाती
25 जूनस्वाती
26 जूनअनुराधा
27 जूनअनुराधा
29 जूनमूल

जुलाई में कुछ चुनिंदा लेकिन अत्यंत शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं।

जुलाई 2026
तिथिनक्षत्र
1 जुलाईउत्तराषाढ़ा
6 जुलाईउत्तराभाद्रपदा
7 जुलाईउत्तराभाद्रपदा
11 जुलाईरोहिणी
12 जुलाईरोहिणी एवं मृगशीर्ष

चातुर्मास और नवंबर में विवाह

चातुर्मास के कारण इस अवधि में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

20 नवंबर के बाद विवाह के शुभ मुहूर्त पुनः प्रारंभ हो जाते हैं। सटीक मुहूर्त जानने के लिए अपनी जन्म कुंडली के अनुसार ज्योतिषीय सलाह लेना उचित रहेगा।

वर्ष के अंतिम महीने में कई शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं।

दिसंबर 2026
तिथिनक्षत्र
2 दिसंबरउत्तरा फाल्गुनी
3 दिसंबरउत्तरा फाल्गुनी एवं हस्त
4 दिसंबरहस्त
5 दिसंबरस्वाती
6 दिसंबरस्वाती
11 दिसंबरउत्तराषाढ़ा
12 दिसंबरउत्तराषाढ़ा

नक्षत्र और वैवाहिक जीवन

रोहिणी नक्षत्र सुख, समृद्धि, सौंदर्य और संतान सुख का प्रतीक माना जाता है। विवाह के लिए यह सबसे शुभ नक्षत्रों में से एक है।

यह नक्षत्र विश्वास, प्रेम और आपसी समझ को मजबूत बनाता है।

मघा नक्षत्र परिवार के सम्मान, परंपराओं और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यह सुखी पारिवारिक जीवन के लिए शुभ माना जाता है।

यह नक्षत्र स्थायी रिश्ते, जिम्मेदारी और जीवनभर साथ निभाने का प्रतीक है।

स्वाती नक्षत्र पति-पत्नी के बीच संतुलन, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

यह नक्षत्र प्रेम, निष्ठा, मित्रता और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है।

यह नक्षत्र धैर्य, समझदारी और स्थिर वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है।

अपना व्यक्तिगत विवाह मुहूर्त जानें

AstroReal के अनुभवी ज्योतिषी आपकी कुंडली का गहराई से विश्लेषण करके आपके लिए व्यक्तिगत विवाह मुहूर्त (Personalised Vivah Muhurat) निर्धारित करते हैं, ताकि आपके वैवाहिक जीवन की शुरुआत शुभ ग्रहों के आशीर्वाद, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि के साथ हो।